“सुमंगलम् प्रभा” जुलाई – सितम्बर 2026 प्रकाशन की सूचना
सुमंगलम् प्रभा(लोकमंगल की त्रैमासिक शोध पत्रिका)ISSN : 2250-1894 SUMANGALAM PRABHAResearch journal of HumanitiesA peer reviewed (Refereed) & open access journalwww.sumangalam.org […]
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लोकमंगल, संस्कृति, धर्म और समाज के विविध आयामों पर केंद्रित त्रैमासिक शोध पत्रिका ‘सुमंगलम् प्रभा’ के नवीन अंक का विशेष […]
महाकुंभ 2025 नदी संरक्षण और भारतीय संस्कृति के महत्व को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण आयोजन है। इस आयोजन को […]
डॉ0 सौरभ मालवीय प्रोफेसर/अध्यक्ष ,जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ (उ0प्र0) भारत महाकुंभ मेला भारत की गौरवशाली संस्कृति का […]
लखनऊ| स्वाधीनता संग्राम, विभाजन विभीषिका, एवं राष्ट्ररक्षा में शहीद हुए ज्ञात -अज्ञात असंख्य क्रान्तिवीरों को गोमती तट स्थित शहीद […]
स्वाधीनता संग्राम, विभाजन विभीषिका, राष्ट्र रक्षा, वैश्विक महामारी एवं राष्ट्ररक्षा में शहीद हुए असंख्य क्रान्तिवीरों को आज गोमती तट स्थित […]
वैश्विक आपदा कोरोना, जैविक युद्ध की निगरानी, जांच और मानवीय अधिकारों की रक्षा करें संयुक्त राष्ट्र संघ – सार्वभौमिक सुमंगल […]
बलिया पौराणिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक , पुरातात्विक विरासतों की थाती से समृद्ध जिला है . जिले के अध्ययनशील शोधार्थी साहित्यकार श्री शिवकुमार सिंह कौशिकेय जी ने बलिया विरासत का प्रणयन किया है ।ग्रंथ का यह प्रथम खण्ड बलिया के बहाने विश्व की सभ्यता एवं संस्कृति का दिग्दर्शन करा रहा है । भार्गवंशियों की सभ्यता अफ्रीका , अमेरिका महाद्वीप तक फैली हुई है । चूंकि इसके मूलपुरुष महर्षि भृगु बलिया से जुड़े हैं तो स्वाभाविक है कि इसका विस्तार वैश्विक स्तर तक होगा ।
स्वाधीनता संग्राम के अमर सेनानी चंद्रशेखर आजाद संपादक : साधक राजकुमार प्रकाशन वर्ष : 2008 मूल्य: 50-00